हास्य व्यंग्य

प्रेम में असफल व्यक्ति

प्रेम में असफल और रसिक पुरुषों को महिलाएँ आसानी से ‘मुर्गा’ बनाती हैं ! चीटिंग तो दोनों लिंगों की ओर से होती है, अधुनातन हिन्दू महिलाएं बालों के अंदर सिंदूर को छिपा(छुपा) कर रखती हैं, ताकि उनकी भी इच्छा होती है, कोई पुरुष उसे कुँवारी व तलाकशुदा जानकर प्रपोज कर सके !

ऐसी महिलाएं ऐसे पुरुषों को ‘मुर्गा’ कहती हैं ! किसी गैर-महिलाओं के मोबाइल फोन को आप अचानक ही सर्च कर देख लीजिए, कुछ ‘सेव नम्बर’ ऐसे मिल जाएंगे कि आप असहज हो जाएंगे, जैसे आप अगर उनके फ्रेंड हैं तो लिखेंगे, ‘मुर्गा नम्बर 16’ यानी 15 मुर्गे हलाल के लिए उनके पास पहले से ही हैं !

वैसे भी शादीशुदा अभिनेत्रियों की फ़िल्म भी कम ही चलती है । बस, इस पोस्ट का सीधा अर्थ है, उन्हें ‘मुर्गा’ चाहिए, तो पुरुषों को भी ‘चिकेन’ तो चाहिए ही, एतदर्थ कोई भी पुरुष मित्र अपनी महिला मित्र को तस्वीर में ‘नीरा अकेली’ ही देखना चाहता है । किसी महिला मित्र के पति उनके लिए ‘चीन की दीवार’ है यानी एक विलेन ! बर्लिन की दीवार टूट सकती है, किन्तु ‘चीन की दीवार’ (पति) ढहनेवाला नहीं है ! गोकि, समझदार (बेवफा व रसिक !) महिलाएं पति के साथ फ़ोटो खिंचाती ही नहीं है…..

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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