लघुकथा

बड़घरिया से आशय

मैं जमींदार उसी को मानता हूँ, जिन्होंने अपनी जमीन का कुछ हिस्सा जीवनयापन के लिए रखकर शेष भूमि विद्यालय, महाविद्यालय, अस्पताल इत्यादि बनने के लिए दान कर दिए हों ! मैंने ऐसे लोगों को देखते आया है, जो धनी व पैसेवाले होने को लेकर डींगें हाँकते हैं, किन्तु जब आप मिलेंगे, तो वे आपको चाय तक के लिए पूछेंगे नहीं ! मैं धनी व पैसेवाले उसी को कहता हूँ, जो सप्ताह में कम से कम एकबार अभावी लोगों को भोजन कराएं और उन्हें आर्थिक मदद भी करें ! बड़ा आदमी से मतलब है, वो बड़प्पन दिखाए और अनुज-ज्ञानी को भी सम्मान दें ! ‘बड़घरिया’ से आशय है, वे आवासहीन लोगों को रहने के लिए भी घर बनाकर दें !

आनंद आजकल खूब भाषण झाड़ते हैं।

 

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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