बाल कविता

हमें चाहिए आजादी

हमें चाहिए आजादी
कोरोना के कष्टमय इरादों से,
व्यर्थ के दुःखदायी विवादों से,
दुश्मन की नापाक चालों से,
प्लास्टिक बैग से भरे नालों से.
आजादी जो निर्बाध हो,
विश्वास जिसमें अगाध हो,
आनंद का अंबार हो,
प्रेम-ही-प्रेम का श्रंगार हो.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

Leave a Reply