इतिहास

भारतरत्न संत

संत बिनोवा भावे के जन्मदिवस ! मेरे पितामह के साथ ! भारतरत्न और भारत के पहले मैग्सेसे अवार्ड विजेता आचार्य बिनोवा भावे के जन्मदिवस (11 सितम्बर) पर उन्हें सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि ! महान स्वतंत्रता सेनानी, भूदान आंदोलन के प्रणेता तथा ‘गीता प्रवचन’ नामक अद्भुत पुस्तक के रचयिता संत जी ने ‘आपातकाल’ को ‘अनुशासन पर्व’ कहकर आलोचना भी झेले थे, तथापि महात्मा गाँधी के बाद वे दूसरे महात्मा थे।
मेरे पितामह स्व. योगेश्वर प्रसाद सत्संगी जी का आज़ादी के कई वर्षों बाद जुड़ाव संत बिनोवा भावे से भी रहा । नवाबगंज में इनके द्वारा संत भावे को 108 स्वनिर्मित नक्काशीदार सुराही सप्रेम भेंट किए जाने पर इनकी सेवा को उनके द्वारा अनोखा कहा गया। संत भावे की जन्म-जयंती पर पुनश्च सादर नमन !

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.