हास्य व्यंग्य

सहज-असहज स्थितियाँ एक जैसी !

हिंदी के लिए शुक्ल पक्ष के आसार ! हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में मान्यतार्थ मैंने 2008 में ही सर्वोच्च न्यायालय सहित राष्ट्रपति सचिवालय, PMO, लोकसभा सचिवालय, राज्यसभा सचिवालय, गृह और विधि मंत्रालय को सामान्य पत्र, फिर RTI आवेदन भेजा, जिनमें लोकसभा में बहस की प्रति मुझे तब भेजी गई थी ! जो कि हिंदी राजभाषा के रूप में स्थिति लिए थी । एतदर्थ, यह संविधान की चीज है व राष्ट्रपति आदेश हो ! अभी भारत की सरकार बहुमत में है, वे मन बदले, तो हिंदी राष्ट्रभाषा हो सकती है !
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कुत्ते और मरद का मूत्र विसर्जन एक जैसे…. कुत्ते जिसतरह से टांग उठा कर मूत्र विसर्जन कर देते हैं, पुरुष भी उठन्गे की तरह खड़े-खड़े मार लेते हैं । मेरे ‘ग्राम पंचायत’ में एक भी मूत्रालय की व्यवस्था नहीं है, सार्वजनिक शौचालय और पनशाला की बात ही छोड़िए !  कई पुरुष भी तो उठन्गे होते हैं, किन्तु महिला राहगीरों के लिए चौक अथवा गली या मोड़ पर इसतरह की व्यवस्था नहीं होने पर उन्हें और उनके कारण सड़क किनारे घरों को परेशानी होती है ! सच है, जिसतरह से लोग अपने private part का प्रदर्शन नहीं करते, उसी भांति अपरिचितों को लोग अपना privacy place दिखाने में हिचकते हैं, किन्तु कुत्ते का क्या ? ध्यातव्य है, मनुष्य कुत्ते नहीं हैं !

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.