कविता

हिंदी के प्रति….. 

पढो कबीर या तुलसी के पद
मन में रखना तुम सम्मान
निजभाषा, निजराष्ट्र हेतु
हो सबके मन में कुछ तो मान।।
आदिकाव्य के  चंदवरदाई
भक्ति – काव्य  के सुरदास
रीतिकाल के लाल बिहारी
आधुनिक युग के पंत – प्रसाद।।
मीराबाई के गिरीधर नागर
सूरदास के नटखट श्याम
घनानंद ,रसखान , बिहारी
रीतिकाल के रस सुख- धाम।।
वीर रसात्मक सुंदर रचना
रचीं सुभद्रा कुमारी चौहान
बाल्यावस्था से अबतक है
*झाँसी वाली* रानी का ध्यान ।।
स्नेहमयी प्रकृति की गोद में
पंत ने पायी ममता भरपूर
हिंदी साहित्य को दे दिया
सृष्टि युक्त रचनाएँ  प्रचूर ।।
भारतेन्दु की निजभाषा
*सब उन्नति को मूल*
बोलो हिंदी के पाठक
क्या तुम गये हो भूल?
हिंदी में हम काम करें
हिंदी का हम ध्यान धरें
एक दिवस नहीं प्रतिदिन
हम हिंदी पर मान करें।।
हिंदी है समृद्ध शालिनी
गौरवशाली है इतिहास
बहिष्कार करें हम उनका
जहँ भी हो हिंदी परिहास।।
हम हिंदी के छोटे सेवक
निज दायित्व निर्वाह करें
नपे – तुले शब्दों को लेकर
हिंदी का गुण बखान करें ।।
— सीमा शर्मा सरोज

परिचय - सीमा शर्मा सरोज

आयु - 43 वर्षीय जन्मतिथि - 19 जनवरी 1972 पता - द्वारा श्री कन्हैया लाल जमशेदपुर झारखंड . शिक्षा - स्नात्तक " हिन्दी " आॅनर्स स्नात्तकोत्तर हिंदी (अपूर्ण् ) (इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से) रूचि - आर्ट (पेंटिंग ), कढा़ई ,और पढना -लिखना । लेखन की विधा - निबंध ,कविता ,ग़जल ,मुक्तक आदि। लेखन की शुरूआत - वर्ष् 1991 ई०. निबंध प्रतियोगिता में 1000/₹ का पुरस्कार चेक डा0.जा़किर हुसैन एजुकेशन फाउंडेशन कमिटी से प्राप्त । स्थानीय आकाशवाणी जमशेदपुर (All india radio ,jsr,) से प्रसारित कार्यक्रम "युववाणी " में स्वरचित काव्यपाठ एवं गोष्ठियों में काव्य रचना वाचन । प्रकाशित पुस्तक - "काव्यलोक "द्वारा साझा संगग्रह ( काव्यलोक ९१ ) जिसमें नगर के तमाम साहित्यिकारों की कृतियों संग मेरी भी तीन काव्य रचनाएँ शामिल । पत्रिकाएँ जिनमें मेरी रचनाएँ प्रकाशित हुई ----- * क्रांतिमन्यू * मेरठ से * धालभूम एक्सप्रेस* घाटशिला से * सरस्वती सुमन" * देहरादून से * निर्भिक संदेश *जमशेदपुर से * मंगलदीप * मांटूंगा मुंबई से * जनसत्ता मुंबई में परिचय । फेसबुक पर उडा़न , अल्फाज़ एवं काव्योदय के पटल पर रचनाएँ प्रकाशित

Leave a Reply