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हिंदी दिवस सम्मान की बधाई: सुदर्शन भाई

यह तो हम सब जानते ही हैं, कि सम्मान पाकर हम बहुत खुश होते हैं और सम्मानित भी, लेकिन कुछ व्यक्तित्व ऐसे भी होते हैं, जिनको सम्मान मिलने से सम्मान स्वयं सम्मानित हो जाता है. ऐसे ही सम्माननीय व्यक्तित्व के धनी हैं हमारे सुदर्शन भाई बनाम सुदर्शन खन्ना. आए दिन कोई-न-कोई सम्मान इनको हासिल होता ही रहता है.

हमने ब्लॉग ‘एक और सालगिरह की बधाई: ज्ञान बांटने वाले सुदर्शन भाई’ में कहा था-
”अभी हाल ही में सुदर्शन भाई को ”जैमिनी अकादमी- पानीपत हरियाणा” द्वारा दो सम्मान पत्र ”अटल रत्न सम्मान- 2020” और ”गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर सम्मान- 2020” से सम्मानित किया गया है. जिनके बारे में आप विस्तार से पढ़ चुके हैं. हम कहते हैं, कि इन सम्मानों से सुदर्शन भाई को समानित किया गया है. असल में सुदर्शन भाई की विद्वता को सम्मनित करके ये सम्मान खुद सम्मानित हुए हैं.”

इसके बाद उन्हें जैमिनी अकादमी द्वारा एक और सम्मान ”गोस्वामी तुलसीदास स्मृति सम्मान- 2020” मिला.

बड़ी शान से हम कह सकते हैं, कि सुदर्शन भाई को सम्मान मिलता है, तो सम्मान खुद सम्मानित हो जाता है. इस बार हिंदी दिवस- 2020 को सुदर्शन भाई को एक और अवसर प्राप्त हुआ. सुदर्शन भाई का संदेश मिला-

”नमस्कार.  गुरुमाता जी के आशीर्वाद से और आप सभी की शुभकामनाओं से पिछले दिनों दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स ने मेरी एक रचना ‘कबाड़ी वाला’ को पसंद किया और मुझे १४ सितम्बर को विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर उनके द्वारा आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम ‘धरोहर’ में इस कहानी को पढ़ने के लिए आमंत्रित किया. लगभग १४ मिनट में यह कहानी समाप्त हुई. आशा है आपको पसंद आएगी. इसका एक लिंक भेज रहा हूँ. उसमें १-१५-३५ से लेकर १-२८-३५ तक के समय के अनुसार मेरा कहानी वाचन है.

https://drive.google.com/drive/folders/1tfoe3YsCDuHNB61ywkdvV3DofwJpzyLZ

Image may contain: text that says 'N हिंदी साहित्य सभा श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स प्रशंसा प्रमाण पत्र यह प्रमाण पत्र श्री सुदर्शन खन्ना जी को हिंदी साहित्य सभा द्वारा 14 सितंबर 2020 को आयोजि 'धरोहर' में कविता/कहानी प्रस्तुत करने हेतु प्रदान किया जाता है| हम इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं| डिम्पी राजोरा (सचिव) Mudsk मुदित अग्रवाल (अध्यक्ष) डॉ रवि शर्मा (शिक्षक प्रभारी)'

सुदर्शन भाई, वाह! १४ सितम्बर को विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर १४ मिनट में कबाड़ी वाला कहानी वाचन! इतना बड़ा अवसर और इतना बड़ा सम्मान! बहुत-बहुत बधाई हो. हिंदी साहित्य सभा द्वारा आयोजित समारोह ‘धरोहर’ में सम्मानित होना अपने आप में विशेष है.सुदर्शन भाई, आप हिंदी साहित्य की धरोहर हैं और हिंदी साहित्य की धरोहर को संभालने-संवारने में सक्षम हैं. हमें आप पर गर्व है.

दोस्तो, १४ सितम्बर की बात अभी समाप्त नहीं हुई है. १४ सितम्बर को ही सुदर्शन भाई को जैमिनी अकादमी द्वारा एक और सम्मान दिया गया-
”दिल्ली-रत्न सम्मान- 2020”

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सुदर्शन भाई, आप दिल्ली-रत्न ही नहीं अपना ब्लॉग-रत्न भी हैं.

 

सुदर्शन भाई और भी बहुत कुछ कर रहे हैं. कहीं वे स्वरचित कविता-पाठ कर रहे हैं, कहीं वैज्ञानिक व तकनीकी शब्दावली आयोग में प्रतिभागिता कर रहे हैं, कहीं रामायण पहेलियां सुलझा रहे हैं, तो कहीं Story Mirror में प्रतिभागिता कर रहे हैं. इसके अतिरिक्त वे अपना कामकाज संभालते हुए भी अपने और हम सबके ब्लॉग्स पर तो सक्रिय हैं ही.

सुदर्शन भाई, हमने पहले भी आपसे कहा था, कि अपने ब्लॉग्स को आप सेव करते जाइए और अपने ब्लॉग्स की ई.बुक बनाते जाइए, अथवा पुस्तक रूप में प्रकाशित कीजिए. आज हम फिर डंके की चोट पर कहते हैं, कि एक दिन आपके ब्लॉग्स आपको और भी बहुत-से सम्मान दिलाएंगे. वह दिन दूर नहीं, जब आपके ब्लॉग्स को बड़ी-बड़ी कक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा.

आज हम बस इतना ही कहकर अपने ब्लॉग को विराम देते हैं, बाकी बात हमारे पाठकगण और कामेंटेटर्स आपका ब्लॉग ‘कबाड़ी वाला’ पढ़-सुनकर बयां करेंगे. एक बार फिर हमारी तरफ से और अपना ब्लॉग की तरफ से आपको इस सम्मान की कोटिशः हार्दिक बधाइयां और शुभकामनाएं.

ब्लॉग कबाड़ी वाला का लिंक-
https://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/sudershan-navyug/the-scrap-dealer/

कबाड़ी वाला कहानी वाचन का लिंक-
https://drive.google.com/drive/folders/1tfoe3YsCDuHNB61ywkdvV3DofwJpzyLZ

सुदर्शन खन्ना के ब्लॉग का लिंक-
https://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/sudershan-navyug/

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “हिंदी दिवस सम्मान की बधाई: सुदर्शन भाई

  1. ब्लॉग कबाड़ी वाला में हमारी प्रतिक्रिया-
    प्रिय ब्लॉगर सुदर्शन भाई जी, क्या ब्लॉग लिखा है! कबाड़ी वाले पर भी इतना खूबसूरत-अद्भुत ब्लॉग लिखा जा सकता है, कल्पना करना भी मुश्किल है और आपने तो अकल्पनीय को भी सिद्ध करके दिखा दिया. कबाड़ी वाले का मनोविज्ञान, महिला का मनोविज्ञान, बच्चों का मनोविज्ञान, लेखक का मनोविज्ञान, मास्टर जी का मनोविज्ञान यानी मनोविज्ञान-ही-मनोविज्ञान. हर जगह नफा, कहीं घाटे का सौदा नहीं! कबाड़ भी निकल जाए और कबाड़ी वाले का काम भी चलता जाए. क्या बात है! अंत में- मास्टर जी के कथन ‘कमल के फूलों का महत्व नहीं समझते, कीचड़ को लेकर कीचड़ उछालते रहते हैं। गुलाब के फूलों की सुगन्ध लेने के बजाय कांटों को कोसते रहते हैं। इसीलिए कबाड़ी में बिकी इन किताबों को देखकर मैंने कहा हम संस्कार-विहीन होते जा रहे हैं’ ने तो कलेजा ही निकालकर रख दिया! अत्यंत साहित्यिक, सटीक, सार्थक, सकारात्मक, ज्ञानवर्द्धक व उपयोगी रचना के लिए हार्दिक बधाई.

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