गीतिका/ग़ज़ल

नेताओं के दंश…

नेताओं के दंश, बड़े विध्वंसक हैं.
आएंगे बनके रक्षक, पर भक्षक हैं.

इनकी सिर्फ कथनी-करनी ही नहीं,
ये मानव हैं, इसपर भी गहरा शक है.

जांचे-परखें, इनकी बातों को पहले,
स्वयं करें मूल्यांकन, अति आवश्यक है.

स्वार्थ स्वयं का निहित है इनके धरने में,
आपके सुख दुःख से न इनको मतलब है.

इनको नहीं किसानों की कोई चिंता,
इनको अपनी मंडी उजड़ने का डर है.

न्यूनतम में जो बंधकर रह गए यदि,
अधिकतम पाना कदाचित असंभव है.

‘श्वेत’ सहे वर्षों मंडियों के अत्याचार,
अब इनको अपनी आज़ादी का हक़ है.

परिचय - सुनील गुप्ता

सुनील गुप्ता 'श्वेत' व्यावसायिक रूप से दूरसंचार में उप प्रबंधक हैं, लेकिन आंतरिक रूप से एक कवि हैं। इनका जन्म भगवान श्रीराम की जन्मभूमि श्री अयोध्या जी में हुआ था और तत्कालीन समय में ये मोहाली, पंजाब में निवास करते हैं. कॉरपोरेट 'Connect Broadband' के लिए कविता और वृत्तचित्र 'Black is Beautiful' के लिए गीत लिखे हैं। सभी सोशल मीडिया पर 'Shwet Kavya Srijan' के रूप में इनकी मौजूदगी है. व्हाट्सएप: 7011592659

Leave a Reply