कविता

कविता

क्या सच मे हक उन्ही भी॥

अपनी शर्तो पे जिदंगी जीने का॥

मगर ये सब कागजी बाते है॥

जो हकीकत से जुदा है॥

कुछ लोगो को हक नही दिया जाता

कैद कर ली जाती है॥

उनकी आजाद॥

और सपने दिखाए जाते है॥

और जुमले सुनाए जाते है॥

आभिषेक जैन

अभिषेक जैन

माता का नाम. श्रीमति समता जैन पिता का नाम.राजेश जैन शिक्षा. बीए फाइनल व्यवसाय. दुकानदार पथारिया, दमोह, मध्यप्रदेश