स्वास्थ्य

कौन है सबसे बड़ा धन ?

अपुन का धनपन्द्रस तो दीपावली को! धनतेरस में दुकानदारों के बल्ले-बल्ले! धनतेरस में आपके धन’चौरस’ हो गए? स्वास्थ्य ही धन है।

धन्वंतरि का बिगड़ा रूप ‘धनतेरस’ में संभव हो तो स्वास्थ्य खरीदिये, क्योंकि महर्षि धन्वंतरि ‘आयुर्वेद’ के  पितामह थे। आज महर्षि धन्वंतरि जयंती है, वे ‘आयुर्वेद दिवस’ के रूप में ख्यात है।

ये धन-संपत्ति ने हमारे पुरखों को खाया है, क्योंकि सोना-चाँदी को इकट्ठे कर क्या करना चाहते हैं आप ! इससे न आपको फायदा है, न ही देश का ! यही तो बेनामी संपत्ति है, इसे बेमानी संपत्ति भी कह सकते हैं।

यह कथित ‘धनतेरस’ दुकानदारों के मानसपुत्र के सिवाय और कुछ नहीं है । इस तिथि को खरीददारी करवाने की दुकानदारों की प्लानिंग व योजना के सिवाय और कुछ तो नहीं !

आप ही कहिये, इससे कोई फ़ायदे हैं, क्या ? वहीं माटी भी धन है, एतदर्थ हम इस दिन क्यों न माटी को सजीवीकरण करनेवाले किसानों की पूजा करें ! प्रत्येक स्थिति में हम अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहे, धनतेरस का यही संदेश है।

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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