कविता

सदाबहार काव्यालय: तीसरा संकलन- 15

स्वर्णिम समय होता है

यों तो हर वेला का अपना ही महत्त्व होता है,
पर, कभी-कभी कोई समय इतना विशेष होता है कि
स्वर्णिम समय होता है.

यों तो मिलने को रोज़ कई लोग मिलते हैं,
पर, किसी दिन किसी व्यक्ति विशेष से मिलना
स्वर्णिम समय होता है.

यों तो हर जन्मदिवस बहुत विशेष होता है,
पर, उसी दिन किसी बड़े-से इनाम की सूचना का मिलना
स्वर्णिम समय होता है.

यों तो हर गायक को अपना गाया हर गीत एक अनमोल नगीना लगता है,
पर, किसी गीत पर जी भर दाद मिले तो
स्वर्णिम समय होता है.

यों तो हर कलाकार को अपना हर सृजन विशेष लगता है,
पर, कोई सृजन विशेष किसी के मन में बस जाए तो
स्वर्णिम समय होता है.

यों तो बार-बार तकाज़ा करने पर भी अक्सर देनदार नज़रें चुराता है,
पर, जब बिना बुलाए देनदार आकर कर्ज़ चुका जाए तो
स्वर्णिम समय होता है.

यों तो हर खिलाड़ी के लिए खेल का हर पल विशेष होता है,
पर, भारत के किसी खिलाड़ी को ओलिंपिक खेलों में स्वर्ण पदक मिल जाए तो
स्वर्णिम समय होता है.

यों तो किसी भी पत्र-पत्रिका का हर अंक विशेष होता है,
पर, किसी दिन उसमें अपनी छपी रचना के दर्शन हो जाएं तो
स्वर्णिम समय होता है.
-लीला तिवानी

मेरा संक्षिप्त परिचय
मुझे बचपन से ही लेखन का शौक है. मैं राजकीय विद्यालय, दिल्ली से रिटायर्ड वरिष्ठ हिंदी अध्यापिका हूं. कविता, कहानी, लघुकथा, उपन्यास आदि लिखती रहती हूं. आजकल ब्लॉगिंग के काम में व्यस्त हूं.

मैं हिंदी-सिंधी-पंजाबी में गीत-कविता-भजन भी लिखती हूं. मेरी सिंधी कविता की एक पुस्तक भारत सरकार द्वारा और दूसरी दिल्ली राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित हो चुकी हैं. कविता की एक पुस्तक ”अहसास जिंदा है” तथा भजनों की अनेक पुस्तकें और ई.पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है. इसके अतिरिक्त अन्य साहित्यिक मंचों से भी जुड़ी हुई हूं. एक शोधपत्र दिल्ली सरकार द्वारा और एक भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत हो चुके हैं.

मेरे ब्लॉग की वेबसाइट है-
https://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/rasleela/

जय विजय की वेबसाइट है-
http://jayvijay.co/author/leelatewani/

सदाबहार काव्यालय: तीसरा संकलन के लिए कविताएं भेजने के लिए ई.मेल-
tewani30@yahoo.co.in

चलते-चलते
सचमुच कोई पल-छिन-दिन स्वर्णिम समय होता है. आपके जीवन में भी ऐसे अनेक पल-छिन-दिन आए होंगे, जिन्हें स्वर्णिम समय कहा जा सकता है. कामेंट्स में आप भी ऐसे स्वर्णिम समय के पल-छिन-दिन हमारे साथ साझा कर सकते हैं.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “सदाबहार काव्यालय: तीसरा संकलन- 15

  1. ”यों तो हर जन्मदिवस बहुत विशेष होता है,
    पर, उसी दिन किसी बड़े-से इनाम की सूचना का मिलना
    स्वर्णिम समय होता है.”
    बात जन्मदिन की आई है, तो हम आपको बताते चलें, कि आज तिवानी साहब का जन्मदिन है. जन्मदिन आदरणीय तिवानी जी को जन्मदिन की कोटिशः हार्दिक शुभकामनाएं. जन्मदिन के शुभ अवसर पर दुर्गाष्टमी का पावन पर्व भी हो तो क्या बात है! आप सबको दुर्गाष्टमी के पावन पर्व की कोटिशः हार्दिक शुभकामनाएं.

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