कविता पद्य साहित्य

भारत वर्ष: राष्ट्रीय एकता दिवस

कल दशहरा मनाया था, आज ईद मनाएँगे;
कल खीर खिलाई थी, आज सिवाईयाँ खिलाएँगे;
कभी गुरुपर्व, कभी क्रिसमस की बधाई देने आएँगे;
सारे त्यौहार मिलजुल कर मने, तभी तो सच्चे हिंदुस्तानी कहलाएंगे!
 
वेदों की ऋचाओं सा हो हमारा विश्वास,
कुरान की आयतों सी हो हर आस,
गुरबानी हो या प्रेयर, या हो महारास,
किस बात पे तर्क करें?  सब कुछ तो है हमारे पास!
 
हमेशा हम बने रहे एक दूसरे का सहारा,
और सदा बना रहे ये अटूट भाईचारा;
सारे देशों में सबसे अनोखा और प्यारा
ये भारत वर्ष हमारा – ये भारत वर्ष हमारा!
 
~ रूना लखनवी

परिचय - रूना लखनवी

नाम- रूना पाठक उप्पल (रूना लखनवी) पता- दिल्ली, भारत मैंने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से विज्ञान में स्नातकोत्तर किया है। वर्तमान में, मैं एक फार्मास्युटिकल कम्पनी में वरिष्ठ प्रबंधक की तरह कार्यरत हूँ। साहित्यिक उपलब्धि :- वूमेन एकस्प्रेस, दक्षिण समाचार प्रतिष्ठा, आज समाचार पत्र , कोलफील्ड मिरर , अमर उजाला काव्य (ऑनलाइन) , पंजाब केसरी (ऑनलाइन) , मॉम्सप्रेस्सो में कविताएँ, लघु कथा कहानी, स्वतंत्र अभिव्यक्ति की रचनाएँ प्रकाशित। सम्पर्क https://www.facebook.com/Runa-Lakhnavi-108067387683685 सम्मान: 1. मॉम्सप्रेस्सो हिन्दी लेखक सम्मान; 2. राष्ट्रीय कवयित्री मंच- नारी शक्ति सम्मान 2020 3. साहित्य संगम संस्थान- सम्मान 4. अभिनव साहित्यिक मंच - सम्मान

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