कविता

हर कोई किसी न किसी के करीब है

कहीं भी आंतरिक सज्जा

उसके बिना संभव नहीं है,

जो कि अवधूत है

या भूत है !

….या आडंबर के विन्यास पर

जीवंत सुधार हो

….या समंदर के आंदोलन से

ज्यादा प्राचीन या अर्वाचीन है

एक तो समवेत निदान के भास्कर

ज्यादा कठिन है या कठिनतर !

जो हो,

पर इतना तय है

यहाँ हर कोई

अजीबोगरीब है,

पर कोई भी

किसी न किसी के

करीब है !

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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