क्षणिका

अपनी-अपनी सोच बचाइए !

भारत के इतिहास में
बलदियाबाड़ी के युद्ध [कटिहार जिला] में
अगर नवाब शौक़तजंग खेत नहीं होते,
तो देश अंग्रेजों के कभी गुलाम न होते !

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यह इंदिरा की इमरजेंसी नहीं है,
यह नरेंद्र का ‘लॉकडाउन’ है !
लोकतंत्र में प्रतिपक्ष भी मजबूत हो,
अन्यथा सत्ता ‘इंदिरा’ हो जाएगी !

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पति-पत्नी या संतानों के बीच भी

एक मीटर की दूरी रखें,
कोरोना साँस (?) संबंधी महामारी है !
जूठे खाने से प्रेम नहीं, बीमारी बढ़ती है !

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पहले कहते रहा-
‘मुझे मेरे मित्रो से बचाओ !’
अब मैं और मेरे मित्र

अपनी-अपनी जान बचाने में

स्वयं लगे हैं !
अपनी-अपनी जान बचाएँ !

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अभी दूसरे की गली में कुत्ता ‘शेर’ है !
गली, मोहल्ले, चौक, चौराहों पर मनुष्य नहीं,
कुत्ते घूम रहे;
कोरोना से मुकाबला वे ही कर रहे !

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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