क्षणिका

झुक जाइये.. रुक जाइये

रिश्ते अगर

झुकने से बच जाए,

तो झुक जाइये;

किन्तु बार-बार

झुकना पड़ जाए,

तो रुक जाइये !

××××

“भारत मे धर्म की

कोई कमी नही,

यहाँ लोगो को

रोटी चाहिए”

शायद

विवेकानन्द ने कहा है यह ।

××××

विकास जी,

मैं जानता हूँ….

आप भी मुझे

वोट नहीं करेंगे !

××××

हम उम्मीदवार

अथवा व्यक्ति आधारित वोटिंग करें,

तो देश में

सभी राजनीतिक पार्टियाँ

अपने-आप समाप्त

अथवा विलुप्त हो जाएँगी !

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

Leave a Reply