कविता

दिलचस्प प्रेम कविता

काश ! अगर मैं बाँसुरी होता,
तू मुझे होठों से लगाये रखती !
कि उन सुरों को सुन-सुन,
दिल तेरी, मेरे लिए धड़कती !

××××

इक नज़र देखो मुझे,
जो है उदासी निगाहों की तस्वीर;
कि नहीं समझ पाया आजतक,
तेरी उदास मुस्कराना !

××××

कि प्रेमगली की कुड़ी ने,
नैनों की हॉट-टी पिलाई;
तब से कुकर बन फ़ख़त,
सीटी बजा रहा बेघर हूँ !

××××

प्रेमनगर से आया इक

मुसाफ़िर शायर हूँ,

दोस्तों ने कहा,

प्रेम में कोल्ड स्टोर भर हूँ !

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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