कविता

वादा

चुनाव लड़ रहे
एक प्रत्याशी ने
अपने मतदाताओं से
एक बार फिर निवेदन किया
बस ! एकबार और मौका दीजिये,
इस बार आप यकीन कीजिये
इस बार मैं हमेशा
आपके बीच रहूँगा,
यहां नहीं तो लखनऊ, दिल्ली में
जरूर मिलूंगा।
फिर यदि वादे पर
खरा न उतर सका तो
अगली बार सिर्फ़
वोट की खातिर आऊँगा,
यकीन मानिए
अपनी उपलब्धता का वादा
कतई नहीं दोहराऊंगा।

परिचय - सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921

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