भाषा-साहित्य

श्री की देवी

उनकी पहली फ़िल्म बाल कलाकार के रूप में ‘जूली’ थी तथा अंतिम हिंदी फ़िल्म ‘मॉम’ थी, जिनके लिए उन्हें मरणोपरांत सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुई। दुबई के एक होटल में स्वस्थचित्त दिखनेवाली ‘श्री’ की अचानक मौत (24.02.2018) ने उनकी ही फ़िल्म ‘सदमा’ लिए सभी प्रशंसकों को जोरदार सदमा दे गयी।

‘जुदाई’, ‘हिम्मतवाला’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘नगीना’ इत्यादि में उनकी अदा बेहतरीन है । अनिल कपूर के साथ उनकी अनेक फिल्में हैं, ये अभिनेता बाद में श्री के देवर बने । श्री के पति यानी अभिनेता अर्जुन कपूर के पिता बोनी कपूर हैं।

जाह्नवी कपूर ‘श्री’ की अभिनेत्री बेटी है, किन्तु श्री के मुकाबले उनमें वैसी क्षमता अबतक निखरकर नहीं आयी है ! श्री की मुस्कराहट घायल करनेवाली होती थी । हिंदी, कन्नड़, तेलुगु, तमिल, मलयालम इत्यादि भाषाओं में उनकी 200+ फिल्में रही। वे मूलतः तमिल भाषी थे।

तथैव-

“रिश्ते अगर झुकने से बच जाए,
तो झुक जाइये;
किन्तु बार-बार झुकना पड़ जाए,
तो रुक जाइये !”

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

Leave a Reply