कविता

विश्व हिंदी दिवस कवि सम्मेलन

जेमिनी अकादमी, पानीपत द्वारा विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर 10 जनवरी 2021 को एक ऑनलाइन कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें अनेक कवियों-कवयित्रियों ने सोत्साह प्रतिभागिता की. विषय था- मन की भाषा हिंदी. हमने भी प्रतिभागिता की थी और निम्न कविता भेजी-

हमारी हिंदी

कोटि-कोटि कंठों से गूंजी,
हिंदी की नव कोकिल तान,
इस हिंदी पर न्योछावर हैं,
तन-मन-धन और ये प्राण.

हिंदी आन हमारी है अब,
हिंदी ही है सबकी शान.
एक साथ सब मिलकर बोलें,
जय हिंदी जय भाषा महान.

तुलसी-मीरा-सूर-रहीमन,
कुतुबन-मंझन इसकी शान,
इसी में छेड़ी तान जिन्होंने,
कबीर-दादू इसकी आन.

पंत-निराला इसके गौरव,
दिनकर-माखन इसके लाल,
गुप्त ने गाए गीत इसी में,
बच्चन जी ने बढ़ाया मान.

वैज्ञानिक है हिंदी भाषा,
लिखने-सीखने में है सरल भी,
राजभाषा की पदवी पाई,
संपर्क भाषा है हम सबकी,

हिंदी मन की भाषा है,
हिंदी मन की आशा है,
संकट विपदा में संबल बन,
करती दूर निराशा है,

आओ हिंदी को अपनाएं,
इसके गीत मनोहर गाएं,
भारत मां के चरण युगल में,
स्नेह-सिक्त सब सुमन चढ़ाएं.

2006 से नियमित हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है.

इस अवसर पर हमें निम्न सम्मान पत्र भेजा गया-

कामेंटस में भी आप बहुत-सी हिंदी कविताएं पढ़ सकेंगे.

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244

One thought on “विश्व हिंदी दिवस कवि सम्मेलन

  • लीला तिवानी

    हिंदी मेरी मातृभाषा ,
    हिंदी मेरी जान !

    हिंदी के हम कर्मयोगी ,
    हिंदी मेरी पहचान ,
    हिंदी मेरी जन्मभूमि ,
    हिंदी हमारी मान ,
    हम हिंदी की सेवा करते है ,
    हम जान उसी पे लुटाते है ,

    हिंदी हमारी मातृभाषा ,
    हिंदी हमारी जान !

    है वतन हम हिंदुस्तान के ,
    भारत मेरी शान ,
    हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा ,
    हिंदी हमारी एकता ,
    हिंदी में हम बस्ते है ,
    हिंदी मेरी माता ,

    हिंदी है हमारी मातृभाषा ,
    हिंदी मेरी जान !

    हिंदी मेरी वाणी ,
    हिंदी मेरा गीत , ग़ज़ल ,
    हिंदी के हम राही ,
    हिंदी के हम सूत्रधार ,
    हिंदी मेरी विश्व गुरु ,
    हिंदी मेरी धरती माता ,

    हिंदी है हमारी मातृभाषा ,
    हिंदी मेरी जान !

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