कविता

सहेज पाना

सोचती हूँ

कि देवी सरस्वती ने

स्वयं काया धारण कर

सृष्टि में

अवतरित होने की

ठानी होगी,

तभी सरस्वती

बाबा विश्वनाथ की

गिरिजा बन

काशी में

अवतरित हुई होंगी!

विन्ध्याचल मंदिर में

पहली बार दर्शन हुए थे।

विंध्यवासिनी मां के

रूप तेज जैसा ही रूप

और तेज था

हमारी अप्पा के

व्यक्तित्व में!

देवी की नाक में

झूलती बड़ी नथ

और अप्पा की

हीरे की लौंग में

एक सा सम्मोहन था!

महान गायिका को

सादर नमन

और श्रद्धांजलि !

आप ‘माँ’ को

सँजोकर

नहीं रख सकते !

माँ का पूरा जीवन

घर की

एक-एक पुरानी चीज में

फैला पड़ा है !

आप कितनी चीजों को

‘सहेज’ पाओगे!

हाँ, आप पिता के

विकल्प खड़े

कर सकते हो,

किन्तु माँ तो

इकलौती ही आयी है!

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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