गीत/नवगीत

कोरोना भी फ़ेल हो गया

अजब तमाशा खेल हो गया
कोरोना भी फ़ेल हो गया।

जहाँ चुनावों के मेले हैं
लाख-करोड़ों के रेलें हैं
और मदारी के डमरू पर
बंदर बन जनता खेले है
वहाँ देख नेता की ताकत
यमदादा का तेल हो गया
कोरोना भी फ़ेल हो गया ।1।

सात अजूबों से है बढ़कर
इस भारत की धरती भाई
हो विपदा कैसी भी लेकिन
राजनीति से मुँह की खायी
शुरमाओं के छक्के छूटे
जब नेता से मेल हो गया
कोरोना भी फ़ेल हो गया ।2।

ये लाठी है बड़ी निराली
ब्रह्म अस्त से शक्तिशाली
हो भैंसी फिर किसी देश की
करती है सबकी रखवाली
जिसके हाथों ये लग जाय
उसका गोबर भेल हो गया
कोरोना भी फ़ेल हो गया ।3।

— शरद सुनेरी