बोधकथा

सूर्य गायब, प्रकाश गायब, बावजूद जिचकर रहेंगे !

मोस्ट क्वालिफाइड पर्सन यानी डॉ. जिचकर पर पहलाहिंदी आलेख मैंने लिखा था। डॉ. श्रीकांत रामचंद्र जिचकर 02 जून 2004 के बाद से हमारे बीच नहीं है । लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और कई रिकॉर्ड बुक में उनके ये records दर्ज़ है।

जो 17 यूनिवर्सिटी से 11 subjects में M.A., जिनमें M.TECH., M.D. , LL.M. , M.B.A., M.J. सहित Ph.D. और D.Litt. भी रहे है । 1978 में IPS और 1980 में IAS बने । महाराष्ट्र गवर्नमेंट में “1982-84” के दौरान “वित्त राज्य मंत्री” रहकर “शून्य बजट” को शुरू किया , जो आज पूरे देश में जारी है, बाद में जिचकर राज्यसभा के M.P., MLA भी रहे।

46 वर्ष की आयु में मौत (बस ड्राइवर की गलती के कारण) के हाथ लगे जिचकर पर मेरा आलेख “झिलमिल जुगनू”,पटना के नवंबर 2004 अंक में प्रकाशित हुआ । आज महाराष्ट्र में “माता-पिता” अपने बच्चों से कहते है- बेटा बड़ा होकर श्रीकांत जिचकर जैसा बनना ! सूर्य गायब, प्रकाश गायब, बावजूद जिचकर रहेंगे !