कविता

मूड बनाइये जरा

ईमानदारीपूर्वक
मूड बनाइये !
मैंने
लॉकडाउन
अवधि में
फोन पर
बात नहीं किया है,
टीवी नहीं है,
बीवी नहीं है,
घर पर दूरी लिए हूँ
और पुस्तकें ही
सहारा है
….और क्या ?
××××
बे’वफ़ा तो वे हैं,
जो वफ़ा को
बे.बे कहते हैं,
बी.बी नहीं !
××××
मुझे बारिश में
भींगना
अच्छा लगता है,
क्योंकि
कोई तब
मेरे आंसू
देख नहीं
सकता है !
चार्ली चैप्लिन के
जन्मदिवस पर
नमन !
××××