कविता

बैंगन-टमाटर की रेसिपी

यह अज़ीब है न
कि बैंगन-टमाटर की
दोस्ती में
ऐसा सेटिंग हुआ
कि आलू-धनिये के साथ
इम्लाई डकार दे बैठे !
कुछ तो विडम्बना है
और ऐसा तो नहीं
कि हम कुरूपों के
अलग ईश्वर होते है !
हम गरीबों के
अलग ईश्वर होते हैं !
आईएएस के अलग ईश्वर;
तो पारा टीचरों के
अलग ईश्वर !
तभी कहना है
कि शादी कोई उपलब्धि नहीं है !
इनसे होती आज़ादी खत्म
और देश की जनसंख्या में
वृद्धि होती है,
फिर जनसंख्या वृद्धि जहाँ
देश के विकास में बाधक है !
हरबार की तरह
जिनके पास धन है,
वही मनाते हैं धनतेरस;
पर मेरे पास तो पुस्तकें हैं,
इसलिए बुकतेरस मनाता हूँ !
हम अपनों को
कहाँ समझ पाते हैं ?
कुछ सहकर्मी भी
अपना काम निकालने के लिए
आपसे जुड़ेंगे जोंक की तरह
और दूसरे से दुश्मनी करा देंगे,
फिर काम हो जाने के बाद
आपका खून पीकर
अलग हो जाएंगे !

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.