भजन/भावगीत

माँ महागौरी की महिमा

में खड़ी हूँ दर पे तेरे
कर ले तू साज श्रृंगार।
आज गौर वर्ण माँ गौरी
चन्द्रदीप्ति भरा संसार।।
माँ तेरी महिमा का
गुणगान है हर द्वार।
माँ के चरणों में समर्पित
है आज सारा परिवार।।
माँ की ममता से भरा
ये नवरात्रि का त्योहार।
आज अष्टमी तिथि को
माँ गौरी का अद्भुत श्रृंगार।।
शिव ने गंगा जल बरसाया
श्वेत वर्ण का लिया अवतार।
माँ के कठोर तप का मिला
माँ को शिव शक्ति का भार।।
करो मिलकर के आराधना
जगत सारा माँ हृदय के द्वार।
माँ की महिमा शाश्वत है
कर देंगी सबका बेड़ा पार।।

— सन्तोषी किमोठी वशिष्ठ

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