लघुकथा

अंतहीन कथा

“किसी को इतना मत चाहो,
कि वह ‘बेवफा’ हो जाये !”

प्यार करने (14 फरवरी) के परिणाम (संतान सुख) का दिवस (14 नवम्बर), बिल्कुल 9 माह बाद संतान प्राप्त ! क्या इस तिथि को जन्म लेनेवाले संतान ‘डायबिटीज़’ रोगी तो नहीं होते ?
14 नवम्बर को मधुमेह दिवस भी है ! एक लघुकथा कहीं से प्राप्त हुई है, लेखक नामालूम, आप बताइए ?
“सच-सच बताना, तनु ! शादी के पहले तुम्हारी किसी से प्रेम सम्बंध थी या नहीं ।”
–पति ने मनुहार के साथ टोका।
“ये क्या उटपटांग पूछ रहे हैं, जी !” –नई नवेली तनु शर्माते हुये।।
“अरे बताओ न ! पति-पत्नी के बीच कैसा पर्दा ? मेरे तो कई प्रेम-संबंध थे!”
“मैं भी एक से प्यार करती थी, पर वो तो मेरी बचपना थी ।”–भावावेश में तनु बता दी।।
“बदचलन, बेहया, हरजाई ! तुम्हारे रंग-ढंग देखकर ही मैं समझ गया था कि शादी से पहले तुम खूब मौजमस्ती की होगी।”
“तुम्हारे तो कई प्रेम सम्बन्ध थे, तब तो तुम मुझसे कई गुना ज्यादा बदचलन हुए।” –पत्नी हिम्मत से जवाब देती है।
“ज़बान लड़ाती है….” पति ने एक झन्नाटेदार थप्पड़ पत्नी के गाल पर रसीद कर दिया ।
….. और अब से मारपीट का सिलसिला अन्तहीन चलता रहा, क्योंकि पत्नी जो बदचलन थी !

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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