कविता

तुलसी

तुलसी महज पौधा नहीं
गुणों की खान है,
हमारा भाग्य है,
धरा पर अहोभाग्य है
अद्भुत सौभाग्य है।
मंगल आसानी, सर्वकल्याणी
विष्णु संगिनी बनी लक्ष्मी
सबके हितार्थ है।
कार्तिक मास के शुक्लपक्ष में
विधि से पूजन पाठ कीजिए,
शुभफलदायी एकादशी व्रत से
सारे संकटों से मुक्ति लीजिए।
गुणकारी हैं तुलसी पौधा
रोग निवारक इसके गुण,
होती हवा, वातावरण
इसके आसपास है शुद्ध।
सर्दी, जुकाम, बुखार सदा
तुलसी से हैं डरते,
जाने कितनी औषधियों में
तुलसी के उपयोग हैं होते।
नित तुलसी के सेवन से
बीमारी रहती है दूर,
तुलसी की सेवा, पूजा से
जीवन हो मस्त भरपूर।
घर में तुलसी जो रहे
विघ्न बाधा सब दूर रहे,
तुलसी की महिमा जो जाने
सदा स्वस्थ प्रसन्न रहे।

 

परिचय - सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921

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