कविता

आनंद

आनंद क्या है?
महज अनुभूति है
सिर्फ़ एहसास है,
मगर इसके परीक्षण का
कोई यंत्र नहीं है।
आनंद जब महसूस होता है
तो मुर्दों में प्राण फूँक देता है,
रिश्तों में जान डाल देता है
आपस में अनुराग भर देता है।
इतना ही नहीं आनंद लेना
सीख लीजिये भाइयों बहनों
तो ये आपका जीवन भी
बदलकर रख देता है,
सात सुरों के राग भर देता है
जीवन का पुनर्निर्माण कर देता है,
आपके जीने का अंदाज बदल देता है
मुरझाए चेहरों पर रौनक ला देता है
अमीर हो या गरीब, छोटा हो या बड़ा
जीवन में खुशियों के रंग भर देता है।
तब आपको हर समय ,हर तरफ
सिर्फ आनंद ही आनंद दिखता
जीवन आनंद से भर उठता है,
आनंद का आनंद आने लगता है।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921