बाल कविता

नए साल में हुआ धमाल

खुशियां ले के आया साल ,
चीकू मीठी हुए निहाल।

मीठा सबने खाया खूब ,
देखो भैया भर भर थाल।

आया जाड़ा मार दहाड़ ,
बोला सबसे ओढ़ो शाल।

फूल खिले बाग में अनगिन ,
मौसम ने क्या किया कमाल।

ख़ुशी से नाची तिथी तृषा ,
नए साल में हुआ धमाल।
— महेंद्र कुमार वर्मा

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