मुक्तक/दोहा

मुक्तक

 

करो कोशिश भले कितनी, बुरी आदत नहीं जाती,
चला इंसान जाता है , मगर फितरत नहीं जाती,
किसी भी राह पर जाने से पहले सोच ले प्यारे-
कि लग जाए अगर इकबार, फिर वो लत नहीं जाती ।

.. प्रवीण पारीक ‘अंशु’, ऐलनाबाद, हरियाणा