कविता

जिन्दगी प्यार का नाम है

जिन्दगी प्यार का सुन्दर नाम है
मोहब्बत की गलियों में बदनाम है
कलियाँ चमन में गर खिली हुई हो
तो भौंरा का गुजँन सुबह शाम  है

जिन्दगी प्यार का सुन्दर नाम है
गर पास  थोड़ा भी बचा ईमान है
हर जगह मानव पाता है इज्जत
ईमान का हर पल ही नाम     है

जिन्दगी प्यार का सुन्दर नाम है
गर साथ नहीं कोई बेईमान   है
सज्जनता की खुशबू महकाती है
बदनामी की बदबू मिट जाती है

जिन्दगी प्यार का सुन्दर नाम है
हर चेहरा जग का गुमनाम  है
सामने नजर कुछ आता    है
असलियत सदैव छुप जाता है

जिन्दगी प्यार का सुन्दर नाम है
विश्वशांति का एक पैगाम    है
जब अमन चैन छीन जाता   है
खून खराबा नजर  आता     है

जिन्दगी प्यार का सुन्दर नाम है
ईष्या द्वेष यहॉ पर बदनाम    है
दुश्मनी की डगर बिछ जाती है
धन की बरबादी रूला जाती है

— उदय किशोर साह