क्षणिका

क्षणिका

गुलामी की बेड़ियों को
कब तक जकड़ेंगे हम
अंग्रेजी मानसिकता से
कब बाहर निकलेंगे हम
न्यायालयों में कब तक
मिलार्ड मिलार्ड कहेंगे
राष्ट्रभाषा हिंदी पर
कब हम अभिमान करेंगे ।।
— नवल अग्रवाल

नवल किशोर अग्रवाल

इलाहाबाद बैंक से अवकाश प्राप्त पलावा, मुम्बई