मुक्तक/दोहा

राजनीति पर दोहे मुक्तक

दोहा

राजनीति  की  नाव पर ,  चढ़ता जो असवार।

पिछड़े दलित शब्द सदा , राखै   दो   पतवार।।

 

अशर्फी लाल मिश्र