गीतिका/ग़ज़ल

गीतिका

झूठों का सरदार दिखाई देता है।

सोया पहरेदार दिखाई देता है।
कोठी, बँगला, कारें, नौकर, चाकर हैं
ऊँचा कारोबार दिखाई देता है।
बातें करता जैसे संत – महात्मा हो
कर देगा उद्धार दिखाई देता है।
नीयत उसकी साफ नहीं हो सकती है
हाथों में हथियार दिखाई देता है।
जो बोलेगा, वह सारा छ्प जाएगा
साथ खड़ा अखबार दिखाई देता है।
नेता जी का वह इकलौता बेटा है
लड़ने में दमदार दिखाई देता है।
सोचा था, वह सरिता पार करा देगा
पहले ही उस पार दिखाई देता है।
पीले हाथ किए हैं दो कन्याओं के
सिर पर हल्का भार दिखाई देता है।
— गौरीशंकर वैश्य विनम्र
गौरीशंकर वैश्य विनम्र
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