कुण्डली/छंद

झूठ महात्म्य

बोलो झूठ कभी नहीं ,ऐसा मत दो ज्ञान 
झूठ बोलते जो सदा ,वो पाते सम्मान 
वो पाते सम्मान ,झूठ को सदा भुनाते
सच का सारा मूल्य, हजारों लोग चुकाते 
कहें ‘धीर’कविराय, झूठ सांसों में घोलो 
सच कहना है पाप ,झूठ की वाणी बोलो।
— महेंद्र कुमार वर्मा