भजन/भावगीत

मेरे कान्हा जी

मुझे अपना  मीत बनाओ
मेरे कान्हा जी,
मुझे भी सखियों के संग रिझाओ
मेरे कान्हा जी,
मुझे भी रासिको का रास सिखाओ
मेरे कान्हा जी,
मुझे भी प्रेम की अनुभूति करवाओ
मेरे कान्हा जी,
मुझे भी माखन चुराना सिखाओ
मेरे कान्हा जी,
मुझे भी निर्गुण से सगुण का भेद समझाओ
मेरे कान्हा जी,
मुझे भी रणक्षेत्र का अर्जुन बनाओ
मेरे कान्हा जी,
मुझे भी गीता का ज्ञान करवाओ
मेरे कान्हा जी,
मुझमें भी भक्ति का भाव जगाओ
मेरे कान्हा जी,

— राजीव डोगरा