बाल कविता शिशुगीत

डॉगी

राजा भैय्या का डॉगी हूं,
प्यारा हूं नहीं बागी हूं,
जैसे नाचें राजा भैय्या,
मैं भी नाचूं ता-ता थैय्या.
कान हैं मेरे हाथी जैसे,
सिर पर मेरे ताज है,
राजा भैय्या कहते सबको,
इस पर मुझको नाज है.