कविता

पाना है गर नाम

जीवन में अगर पाना है नाम
नित्य दीन दुखियों के आना काम
मिल जायेगा तुम्हें भी मुकाम
सेवा भाव रहे सुबह से शाम

जग में अगर पाना है नाम
लाचार  का मदद करना सरेआम.
तुम्हें भी भला करेगें प्रभु श्रीराम
पाना है जग में शांति व  आराम

जग में अगर पाना है नाम
कर्म की पाना है गर ईनाम
सफर करो भले का कोई काम
सफल होंगें तेरे सब    काम

जग में अगर पाना है नाम
दुःख का बन जाना है बाम
कष्टों से मिल जायेगा आराम
कहर किसी में ढ़ाना है हराम

जग में अगर पाना है नाम
कर्म भला कर ले प्रभु का नाम
मिट जायेगा कष्ट तमाम
गरीबों की सेवा में चारों धाम

— उदय किशोर साह