गीतिका/ग़ज़ल

नजरबंद कर लो हमें

तेरी बांहों के घेरो में हम सुकून पाते
तुझे जिस्म से नहीं हम रूह से चाहते
नजरबंद हो इन मयकशी आंखों में
खुद को इस जमाने से महफ़ूज पाते।।
तेरी हर एक मुस्कान पर दिल लुटा बैठे
तेरी एक मुस्कान के लिए सितारे बिछाते।।
मेरी  बिखरी जुल्फें जब-जब तुम  संवारे हो
 बिखरी जुल्फों संग हम तुझसे लिपट जाते।।
मोहब्बत ए राह  में बहके-बहके नजर आए
बहके ना , हम तुम ये खता हम नहीं चाहते।।
वीणा के नाजुक  दिल को कभी न तोडना तुम
मेरी हर एक महकती सांसों में सिर्फ तुम्हीं समाते।।
— वीणा आडवाणी तन्वी

वीना आडवाणी तन्वी

गृहिणी साझा पुस्तक..Parents our life Memory लाकडाऊन के सकारात्मक प्रभाव दर्द-ए शायरा अवार्ड महफिल के सितारे त्रिवेणी काव्य शायरा अवार्ड प्रादेशिक समाचार पत्र 2020 का व्दितीय अवार्ड सर्वश्रेष्ठ रचनाकार अवार्ड भारतीय अखिल साहित्यिक हिन्दी संस्था मे हो रही प्रतियोगिता मे लगातार सात बार प्रथम स्थान प्राप्त।। आदि कई उपलबधियों से सम्मानित