कविता

अंजलि

क्यों बेजान जिंदगी क्यों बेजान है रात !
क्यों खफा जिंदगी क्यों नहीं मुलाकात !!
क्यों त्याग रहे हो जिंदगी क्या अन जल ली !
बहुत खूबसूरत जिंदगी और तुम अंजलि !!
खनकती चूड़ियों की शहर फिरोजाबाद !
धड़कती धड़कनों की शहर फिरोजाबाद !!
मिर्जापुर शहंशाह का शहर विद्यांचल की सुंदरी!
विधाओं में निपुण पूर्वांचल की सुंदरी सुंदर परी !!
शब्दों में निखार रूप सौंदर्य में निखार !
कुछ जिंदगी में भी लाओ रंग निखार !!!!
— मनोज शाह ‘मानस’

मनोज शाह 'मानस'

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