कविता

देश महान है

हिन्दुस्तानी जहाँ किसान है
मुसीबत में फँसी जहान है
बेरोजगार यहाँ पर जवान है
फिर भी मेरा देश महान है

राजनेता यहाँ पर मस्त है
गरीब जहाँ पर पस्त है
बुर्जग ड्योढ़ी पर त्रस्त हे
बिटिया दहेज से ग्रस्त है

डिग्री यहाँ पे बेकार है
शिक्षा पे खर्च हजार है
रोजगार की यहाँ दरकार है
सरकार की व्यवस्था लाचार है

जनतांत्रिक सरकार बरकरार है
अधिकारी यहाँ पे बना लाचार है
चोर उचक्के की भरमार   है
ढोंगी को श्रद्धया नमस्कार है

वंशवाद की बनी सरकार है
राजनीति में नित्य तकरार है
देशद्रोही का सामने ललकार है
सख्त कानून की दरकार है

सरहद पे गोली खाता जवान है
जयचन्द गद्दार परवान     है
मजनूँ देश में बना हैवान है
नारी नित्य होती परेशान है

लोकतंत्र यहाँ बदनाम है
राजनेता में घटा ईमान है
ढोंगी बाबा बना शैतान हे
फिर भी हमारा देश महान है

— उदय किशोर साह

उदय किशोर साह

पत्रकार, दैनिक भास्कर जयपुर बाँका मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार मो.-9546115088