राजनीति

मीडिया और राजनीति

मीडिया का देश दुनियां में बहुत महत्व है.अगर मीडिया न हो तो हम देश दुनियाँ की खबरों से अनजान ही रहेंगे. प्रिंट मीडिया हो या फिर ,इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया हो. इनका अपना ही अलग महत्व है बिना मीडिया के हम राजनीति के विषय में कुछ नहीं जान पाएंगे. देश विदेश में होने वाली घटनाएं सामाजिक ,आध्यात्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक ,और अनेक प्रकार के होने वाली  गतिविधियों की जानकारी हमें मीडिया से मिलती है.
मीडिया और राजनीति का आपस में बहुत ही गहरा सम्बध है. मीडिया के जरिये ही चुनाव गतिविधि को जानने के लिए उतावले रहते है .मीडिया के जरिये दी गयी जानकारी को हम सत्य मान लेते है कभी कभी इन खबरों पर कहीं सवाल भी उठ खड़े होते है मीडिया कभी कभी गुमराह भी करता है. कभी उन घटनायों को बड़ा चढ़ा इतना प्रचार प्रसार कर देता है. कि उस पर विश्वास करना मुश्किल होता है मीडिया और राजनीति एक दूसरे के बिना अधूरे है. मीडिया को भी लोग खरीदकर अपना बोलबाला करवाते है.
यह सब पत्रकार जो इतनी मेहनत करके खबरें जान जोखिम में डालकर ,स्ट्रिग ऑपरेशन करके उन ख़बरों को कवर करते है . मीडिया वाले उन ख़बरों का खंडन करते हुए उसको बेकार बताकर रद्दी की टोकरी में डाल देते है. जो मीडिया में खरीदे हुए चैनल की खबरे को बड़े रोचक ढंग से प्रस्तुत करते है. कहीं बार सच्चे पत्रकारों को जान से हाथ भी धोना पड़ता है. राजनीति नेता ,पत्रकारों को अपनी तरफ करने की कोशिश करते है कहीं मतदाताओं को वोट देने लिए विज्ञापन छपवाते है. लाखों रुपये खर्च कर अनेक चैनलों पर प्रोग्राम करवाते है. मीडिया वैसे तो हर जगह अपनी अलग पहचान बना चुकी है. लेकिन राजनीति में इसकी गहरी पकड़ है.
— पूनम गुप्ता
पूनम गुप्ता
मेरी तीन कविताये बुक में प्रकाशित हो चुकी है भोपाल मध्यप्रदेश