सामाजिक

रुक जाईये ये महज़ आकर्षण है

प्यार कोई बोल नहीं, प्यार आवाज़ नहीं
एक ख़ामोशी है, सुनती है, कहा करती है
न ये बुझती है,
न रुकती है, न ठहरी है कहीं
नूर की बूँद है सदियों से बहा करती है,
सिर्फ़ एहसास है ये रूह से महसूस करो
प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो।
आहा… गुलज़ार जी ने प्यार को कितने सुंदर तरीके से परिभाषित किया है! क्या आजकल की पीढ़ी प्यार को इतना पवित्र समझती है? एक सवाल उठता है मन में हर वैलेन्टाइन डे के बाद। पूछने का मन करता है कि,
मना लिया वैलेन्टाइन डे? तो अब एक सवाल खुद से पूछिए कि, जिनको अपना वैलेन्टाइन बनाकर आज आपने ढ़ेरो कसमें खाई, प्यार जताया, आलिंगन दिया, चुम्बन किया, मौज मस्ती की या कुछ लोगों ने प्यार के नाम पर शारीरिक सुख भी पाया होगा। आजकल कुछ लड़के-लड़कियाँ वैलेन्टाइन डे का इंतज़ार ही शारीरिक सुख पाने के लिए करते है। ठीक है सबकी अपनी पसंद होती है इस विशेष दिन को मनाने की। पर, क्या जो भी किया उसे एक कमिटमेंट के साथ, सम्मान के साथ और स्वस्थ एवं मजबूत रिश्ता बनाने के इरादे से किया? कहीं ये तो नहीं अगले साल वैलेंटाइन दिवस पर आपकी बाँहों में कोई और वैलेन्टाइन होगा?
कहने का मतलब यह है कि प्यार कोई चंद लम्हों की कशिश नहीं, कोई फूल नहीं कि खुशबू ले ली फिर डस्टबिन में डाल दिया। प्यार नशा होना चाहिए, प्यार यकीन होना चाहिए, किसी एक व्यक्ति के प्रति ताज़िंदगी एक करार होना चाहिए। जो बार-बार अनेकों से हो वो प्यार नहीं, व्यभिचार होता है। प्यार की नींव मजबूत होनी चाहिए; एक बार जो किसीसे हुआ तो फिर चाहे सामने कोहिनूर हीरा भी आ जाए तो एहसास बदलने नहीं चाहिए।
खासकर लड़कियों की इज्ज़त काँच की तरह नाजुक होती है। कभी किसी लड़की के साथ खेलकर छोड़ देना नहीं चाहिए, किसीके घर की इज्ज़त के साथ खिलवाड़ आपके संस्कारों पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है। महज़ चंद पलों का उन्माद शांत करने के लिए किसी लड़की का वैलेन्टाइन के नाम पर इस्तेमाल करना बहुत ही गलत बात है।
हमारे समाज में एक मानसिकता ऐसी है कि लड़के चाहे कितने भी लफ़डे कर ले, ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ता after all लड़के है, भै उनका तो हक बनता है। पर, अगर किसी लड़की का नाम किसी लड़के के साथ एक बार जुड़ जाए और वो लड़की समाज की नज़रों में आ जाती है तो चरित्रहीन कहलाती है। खासकर ब्रेक अप हो जाने के बाद लड़की कहीं की नहीं रहती। किसी लड़की की ज़िंदगी खराब करने से पहले हर लड़के को ये बात समझनी चाहिए कि, कल को अगर उसकी बहन के साथ कोई ऐसा करेगा तो? हर लड़की आपकी बहन की तरह किसीके घर की इज्ज़त होती है।
और लड़कियों को भी समझना चाहिए की किसीसे प्यार करने से पहले उस लड़के को पहले जानें, पहचानें उसके बाद आगे बढ़े। चलो माना कि प्यार किया नहीं जाता, हो जाता है, हो भी गया; तो पहले एक दायरा तय करें, एक हद में रहकर लड़के को शारीरिक स्पर्श की छूट लेने दें और पहली बात तो यह कि अगर लड़का आपको सच्चा प्यार करता है तो शादी से पहले शारीरिक सुख की मांग करेगा ही नहीं। पहले तो शादी का कमिटमेंट लीजिए और दीजिए उसके बाद वैलेन्टाइन डे मनाईये।
प्यार जताना गलत नहीं, प्यार में बहकना गलत है। वैलेन्टाइन डे प्यार जताने का दिन है, इज़हार और इकरार करने का दिन है न कि प्यार के नाम पर रंग रैलियां मनाने का। अगर आप किसीको सच्चे दिल से और पूरी शिद्दत से चाहते हो, तो ही एक जिम्मेदारी के साथ ताउम्र साथ निभाने का वादा कीजिए। पर, अगर हर दूसरी लड़की, या लड़का आपकी आँखों को भाता, या भाती है तो किसीको अपना वैलेन्टाइन बनाने के बारे में सोचिए भी मत, क्यूँकि ये प्यार नहीं महज़ आकर्षण है।
— भावना ठाकर ‘भावु’ 

*भावना ठाकर

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