कविता

आँधियों का दौर

आँधियों का दौर है दिया जलाने की जहमत कौन उठाये सब तो सौदागर बने बैठे हैं यहाँ इनका मोहब्बत से परिचय कौन कराये हर शख्स को अपना चेहरा प्यारा लगता है इनको इनके भीतर की बदसूरती का आईना कैसे और कौन दिखाये हर इंसान दिल में नफरत का बाजार सजाये बैठा है अब हँसकर गले […]

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कविता

रूसवाईयों के डर से कभी मोहब्बत नहीं की खूब दिल से चाहा बस कहने की जुर्रत नहीं की कौन कहता है कि दिल  किसी का धड़का नहीं शोला इश्क का दिल में कब किसी के भड़का नहीं खुदा तो लाखों मिले हमें दिल में बसने के लिए बस हमने ही कभी किसी की इबादत नही […]

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हारने के लिए दिल है

हारने के लिए दिल है और, जीतने के लिए जमाना है। जो जीत गया इस दिल से, ये दिल उसी से तो हारा है। दिल के इस गुलशन को, कभी तेरी ख्वाहिशों ने तो। कभी तेरी खिलखिलाती, महकती यादों ने संवारा है। तुझसे ही है दुनिया ये मेरी, तू ही तो जीने का सहारा है। […]

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तुझे ढूंढने निकले

तुझे ढूंढने निकले थे हम और देखो खुद को खोकर आये हैं जब जब दूसरों को सम्भाला तब तब ही हम ठोकर खाये हैं मंजिल है मगर रास्ता सूझता नहीं दर्द दिल का कोई मेरे बूझता नहीं लगा है हर शख्स मुझे जगाने में क्या किसी को खबर नहीं जमाने में अरे अभी अभी तो […]

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छोटी सी भूल

जीवन की इक छोटी सी भूल, चुभे जब मन में बनकर शूल। काटों की शक्ल इख्तियार करता, तब राहों में बिछा हर इक फूल। दिल कहा दिल का करता नहीं, नाजुक है पर नादानी करता नहीं। मेरी समझ पर ताने देने वाला, हर रिश्ता मुझे समझता ही नहीं। मुझे नादान कहने वाला शख्स, समझदारी की […]

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लालच और लाचारी

पहले लालच सवार हुआ फिर लालच में लाचार हो गये रिश्ते नाते इस जमाने में सब लालची व्यापार हो गये पहले जो खुशनसीबी हुआ करती थी हमारी वही बुरे आसार हो गये वक्त करवट बदलता गया और बुरे से बुरे लोगों के अदब ए व्यवहार हो गये जो हमारे करार का सबब थे आजकल खुद […]

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अगर तुझे प्यार करना आ जाता

अगर तुझे प्यार करना आ जाता तो, बेकरारियों को भी करार आ जाता। अगर तुझे ये बेवफाई ना रास आती, तो मेरे रूह से वफा की सुवास आती। अगर तू मेरे भरोसे के लायक होता। तो दिल मेरा यूँ ना नालायक होता, अगर तुझे मेरे चाहत की कदर होती, तो मुझे तेरे जज्बातों की फिकर […]

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बेटी

एक बेटी ने उस वक्त अपने बाप को नया जन्म दे दिया जब उसने अपने प्रेमी को ये कहकर ठुकरा दिया कि तुम मेरे पापा से बढ़कर नहीं हो गर मेरे पापा ने कहा है की तुम मेरे लायक नहीं तो तुम मेरे पापा के दामाद बनने लायक तो बिल्कुल भी नहीं हो सकते मैं […]

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सुविधा परस्त लोग

सुविधा परस्त लोग सुख से वंचित हो गये जो अपने गम सम्भाल सके ना इस जमाने में वही कमबख्त लोग दूसरों की हसीन खुशमंद खुशियों पर रो गये अपने ख्वाब सजाये ना गये तो दूसरों की पलकों में जहरीले कांटे चुभो गये ख्याल नहीं था जिन्हें अपनी बेरहम बदसूरत बेवफाई का वो दूसरों की वफा […]

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राम

राम तुम्हारी अयोध्या में आज धूम मची है भारी सबको बुलाया प्रभू आपने बता दो कब है मेरी बारी कब होंगे मुझे दर्शन तुम्हरे कब आस की प्यास बुझेगी सब पर कृपा बरसाने वाले कब मुझपर कृपा बरसेगी हे अराध्य मेरे हे अवतारी हे तीनों लोकों के रखवारे अब टारो विपदा हमारी तुमसे ही जग […]