कविता

अये फूल तेरी किस्मत में

अये फूल तेरी किस्मत में, कांटो के साथ है रहना। कभी देवों के सर चढ जाना, कभी मुर्दों संग लिपटना। अये फूल तेरी किस्मत में, कांटो के साथ है रहना। पहले खुशियों के मेले मिलते, फिर मिलती है तन्हाई। तू बन जाता बरमाल वहां, जहाँ बजती है शहनाई। पहले सेहरे पे सवरना, फिर सेझ पे […]

गीतिका/ग़ज़ल

गीतिका

आँखो का भरना बहुत ही आसान था, पलकों का सूखना बड़ा मुश्किल हो गया। गिरना इस  जमाने में बड़ा आसान था, निगाहों में उठना बड़ा मुश्किल हो गया। जो कब्र ए तन्हाई में तन्हा जला करता था, देखो आज वो चराग ए महफिल हो गया। भीगता रहा अश्कों से हरपल दामन हमारा, फिर भी प्यासा […]

कविता

जब दिल तुम्हारा टूटने लगे, 

जब दिल तुम्हारा टूटने लगे, जब लोग बातें बनाने लगे। जब मुफलिसी में हो तुम, जब लोग तुमसे कतराने लगें। जब दिल वीराना हो तुम्हारा, जब तन्हाईयां सताने लगे। जब ख्वाब में नींदे टूटने लगें, जब यादें किसी की सताने लगे। जब दिल की लगी दिल जलाने लगे, जब अपने पराये ताने सुनाने लगे। जब […]

कविता

आँधियों का दौर

आँधियों का दौर है दिया जलाने की जहमत कौन उठाये सब तो सौदागर बने बैठे हैं यहाँ इनका मोहब्बत से परिचय कौन कराये हर शख्स को अपना चेहरा प्यारा लगता है इनको इनके भीतर की बदसूरती का आईना कैसे और कौन दिखाये हर इंसान दिल में नफरत का बाजार सजाये बैठा है अब हँसकर गले […]

कविता

कविता

रूसवाईयों के डर से कभी मोहब्बत नहीं की खूब दिल से चाहा बस कहने की जुर्रत नहीं की कौन कहता है कि दिल  किसी का धड़का नहीं शोला इश्क का दिल में कब किसी के भड़का नहीं खुदा तो लाखों मिले हमें दिल में बसने के लिए बस हमने ही कभी किसी की इबादत नही […]

कविता

हारने के लिए दिल है

हारने के लिए दिल है और, जीतने के लिए जमाना है। जो जीत गया इस दिल से, ये दिल उसी से तो हारा है। दिल के इस गुलशन को, कभी तेरी ख्वाहिशों ने तो। कभी तेरी खिलखिलाती, महकती यादों ने संवारा है। तुझसे ही है दुनिया ये मेरी, तू ही तो जीने का सहारा है। […]

कविता

तुझे ढूंढने निकले

तुझे ढूंढने निकले थे हम और देखो खुद को खोकर आये हैं जब जब दूसरों को सम्भाला तब तब ही हम ठोकर खाये हैं मंजिल है मगर रास्ता सूझता नहीं दर्द दिल का कोई मेरे बूझता नहीं लगा है हर शख्स मुझे जगाने में क्या किसी को खबर नहीं जमाने में अरे अभी अभी तो […]

कविता

छोटी सी भूल

जीवन की इक छोटी सी भूल, चुभे जब मन में बनकर शूल। काटों की शक्ल इख्तियार करता, तब राहों में बिछा हर इक फूल। दिल कहा दिल का करता नहीं, नाजुक है पर नादानी करता नहीं। मेरी समझ पर ताने देने वाला, हर रिश्ता मुझे समझता ही नहीं। मुझे नादान कहने वाला शख्स, समझदारी की […]

कविता

लालच और लाचारी

पहले लालच सवार हुआ फिर लालच में लाचार हो गये रिश्ते नाते इस जमाने में सब लालची व्यापार हो गये पहले जो खुशनसीबी हुआ करती थी हमारी वही बुरे आसार हो गये वक्त करवट बदलता गया और बुरे से बुरे लोगों के अदब ए व्यवहार हो गये जो हमारे करार का सबब थे आजकल खुद […]

कविता

अगर तुझे प्यार करना आ जाता

अगर तुझे प्यार करना आ जाता तो, बेकरारियों को भी करार आ जाता। अगर तुझे ये बेवफाई ना रास आती, तो मेरे रूह से वफा की सुवास आती। अगर तू मेरे भरोसे के लायक होता। तो दिल मेरा यूँ ना नालायक होता, अगर तुझे मेरे चाहत की कदर होती, तो मुझे तेरे जज्बातों की फिकर […]