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  • बेटी

    बेटी

    एक बेटी ने उस वक्त अपने बाप को नया जन्म दे दिया जब उसने अपने प्रेमी को ये कहकर ठुकरा दिया कि तुम मेरे पापा से बढ़कर नहीं हो गर मेरे पापा ने कहा है की...

  • सुविधा परस्त लोग

    सुविधा परस्त लोग

    सुविधा परस्त लोग सुख से वंचित हो गये जो अपने गम सम्भाल सके ना इस जमाने में वही कमबख्त लोग दूसरों की हसीन खुशमंद खुशियों पर रो गये अपने ख्वाब सजाये ना गये तो दूसरों की...

  • राम

    राम

    राम तुम्हारी अयोध्या में आज धूम मची है भारी सबको बुलाया प्रभू आपने बता दो कब है मेरी बारी कब होंगे मुझे दर्शन तुम्हरे कब आस की प्यास बुझेगी सब पर कृपा बरसाने वाले कब मुझपर...

  • बचपन खेला खेले

    बचपन खेला खेले

    सावन महीना दिल जले मन रोये यादों की समिधा में नींदों का हवन होये बचपन खेला खेले भरी जवानी सोये आता बुढापा देख ये मानुस मन रोये मन कपटी काजल की कोठरी हुआ फिर तन रगड़...

  • कहाँ हो तुम

    कहाँ हो तुम

    कहाँ हो तुम मिलते नहीं वहाँ जहाँ आजकल रहते हो तुम दिल के मकान से जी भर गया या किसी नये मकान मे आजकल बसने लगे हो तुम कहाँ हो तुम थक गये हो क्या तुम...

  • पतझड़ छिपाये दामन में

    पतझड़ छिपाये दामन में

    वफा-ए-इश्क के चर्चे गली में है, मशहूर हुआ है इश्क चौबारो में। जो अनमोल रहा परदे में हमेशा उसका मोल लगाया बाजारो में। बेगुनाह,बेकस,नादान,मासूम दिल, शामिल हो गया है अब गुनहगारों में। जिसे पतझड़ छिपाये फिरी...


  • इश्क की चाय

    इश्क की चाय

    एक कप इश्क की चाय पिला देना उसमें थोड़ी सी वफा भी मिला देना जब दम घुटने लगे इस जमाने की बेवफाई भरी आवोहवा में तब सुनो तुम सांसों में दर्द सा कुछ मिला देना एक...

  • दीप जलाओ प्यार के

    दीप जलाओ प्यार के

    दीप जलाओ प्यार के घर आँगन उजियार हो तन और मन प्रफुल्लित महकी महकी बयार हो प्यार की महके फुलवारी दूर नफरत का अंधकार हो प्रेम रतन धन सबको मिले आप सब पर महा लक्ष्मी शुभ...

  • बेटी और तलवार 

    बेटी और तलवार 

    हाथों में तलवार थाम लो बेटियो अब तुमको खुद ही लड़ना होगा, मित्र भी अपने शत्रु भी अपने इनसे तुम्हे खुद अपने आप निपटना होगा। आंखों में आंसू नही चिंगारी भर लो अब तुमको ही जलाना...