कविता

गजल

राहो मे रहबरी सिखा रहा है कलंदर॥, देखो तो काम सदा आ रहा है कलंदर॥ दुनिया मे जीने है सबकुछ ही छोड दो॥ जमाने को ये खूब बता रहा है कलंदर॥ दिखा कर अपने करतब सारे जमाने को,॥ अब सारे जमाने को छोड के जा रहा कलांदर.॥ ये भी है झूटी साथ छोड देगी इक दिन […]

गीतिका/ग़ज़ल

गजल

गमो के दिनो को गुजार जाना तुम,॥ खुद को तैयार कर ही उस पार जाना तुम,॥ इक खुशी देने के लिए यू करना,॥ जीती हुए बाजी हार जाना तुम,॥ बिखर जाना है तो उनकी गली मे बिखरो.॥ वरना अपनी इस हसरत को मार जाना तुम,,॥ आभिषेक जैन

गीतिका/ग़ज़ल

गजल

करते क्यो हो ऐसी बात,॥ जो चुभती है ऊँची बात,॥ कडवी दुनिया मे रहकर तुम॥ करते कैसे हो मीठी बात,॥ अक्सर दिल को चुभती है,॥ अक्सर बोली सच्ची बात,॥ फिर न कभी पचताए कभी हम,॥ करने से पहेले जो सोची बात,॥ इस से दूरी अच्छी है,॥ करना न तुम झूठी बात॥ करते रहने तुम अक्सर,॥ […]

मुक्तक/दोहा

मुकतक

जहाँ में जी सुनो मेरा ही बस नुकसान होना हैं,यहाँ मेरी बुराई की अगर पहचान होना हैं,हाँ जिनकी चाह है बनने की रब बेशक़ बने वो लोग लोग,हमे तो बस अजी सच्चा सा एक इंसान होना हैं.आभिषेक जैन 

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

मजबूरियो के बारे सोचा करो कभी देखी राह हमने वैसी देखा करो कभी करते है तुम तो सबका बुरा वहाँ मेरे यार किसी तो अच्छा करो कभी दावा है दुश्मनो को भी अपना बना लोगे तुम बस मीठी जुबा तुम उनसे बोला करो कभी सोच लो पहेले कारन क्या होगा इसका बाद मे अपनी जुबा […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

अच्छी नही यार से ये करते हो क्यो ऊँचे बात करके देखो न कभी तुम भी ये सच्ची बात ये हडबडी जो बोल दी तुमने क्या कहा है कभी ये तुमने सोची बात॥ आँखो की देखी को मानते है हम तो हम न मानेगे कभी ये अन देखी बात॥ यार के बीच मे तो ये […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

अच्छी नही ये हमने गुजारी ये जिदंगी अहसान की मानिद हमने उतारी ये जिदंगी उसमे तो आपका ही निशा मिलेगा ही वो भी तो आपकी ही है हमारी जिदंगी है जिनको प्यारी उन्हे हो मुबारक ये हमको नही बिल्कुल भी प्यारी ये जिदंगी तुम पे जान और दिल के साथ साथ हमने तो पूरी ये […]