Author :

  • शैर – अलका जैन

    यूं गुजरने को तो उम्र गुजर ही जायेगी। गर चैन से गुजरती तो जिन्दगी होती। ळळळ दिल के दर्द को इस तरह छुपाया मैंने, कि जैसे दामने दाग छुपाते हैं लोग। ळळळ दर्दो गम में अश्क...


  • तुम लौट आये

    तुम लौट आये

    ओह, तुम लौट आये मुझे यकी था तुम जरूर आओगे, ज्यादा दिन न मेरे बिन तुम रह पाओगे। क्योंकि – मेरे प्यार की छाप बड़ी गहरी है। ये फीका रंग नहीं कि पानी पड़े तो धुल...