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  • कविता – नन्हीं गौरैया

    कविता – नन्हीं गौरैया

    नन्हीं गौरैया उड़ते-उड़ते चली आई मेरे कमरे में मैंने तुरन्त लपककर बन्द कर दिया खिड़की और दरवाजा और पकड़ने लगा उसे। नन्हीं गौरैया अपने बचाव के लिए फुदुककर पहुँच गई पुरानी टँगी हुई तस्वीर पर फिर...

  • कविता : जलकुंभी

    कविता : जलकुंभी

    जलकुंभी तालाब में बह आयी हाय रे किसी ने देखा नहीं देखा भी तो निकाला नहीं वह फैलती ही गई एक नाबालिग जलकुंभी पहले माँ बनी फिर दादी फिर पर दादी और भी रिश्तें जुड़ते गये...


  • कविता  – सदी का ठहराव

    कविता – सदी का ठहराव

    मण्डेला का निधन या फिर सदीं का ठहराव क्या कहें इसे एक योद्धा जो रहा अपराजेय जिसने जीती हर बाजी जीवन के हर छोर पर संघर्षों का जमावड़ा पर विचलित नहीं हुआ चेहरे पर बच्चों-सी मासूम...

  • कविता सिंह की ग़ज़ल

    कविता सिंह की ग़ज़ल

    तुम्हारे प्यार की तासीर में बेचैन मेरा दिल, तुम्हे पाने की हर तदबीर में बेचैन मेरा दिल। अधूरी ख़्वाहिशें मेरी अधूरे ख़्वाब हैं मेरे, अधूरे ख़्वाब की तामीर में बेचैन मेरा दिल। अकेला सा खड़ा बरगद...

  • काम तो सिर्फ़ काम

    काम तो सिर्फ़ काम

    शेर है कि – काम तो सिर्फ़ काम होता है काम छोटा-बड़ा नहीं होता।। – अमन चाँदपुरी परिचय - अमन चांदपुरी परिचय – मूल नाम- अमन सिंह जन्मतिथि- 25 नवम्बर 1997 पिता – श्री सुनील कुमार...


  • खालीहांड़ी देख कर

    खालीहांड़ी देख कर

    मेरी पहली कुंडलिया :- खालीहांड़ी देख कर, बालक हुआ उदास। फिर भी माँ से कह रहा, भूख लगी ना प्यास।। भूख लगी ना प्यास, कह रहा सुन री माता। होती मुझको भूख, माँग खुद भोजन खाता।।...