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  • ग़ज़ल : राज़दार

    ग़ज़ल : राज़दार

    मेरे अरमानों को क्यों किया तार-तार, इनकी फरमाइश की थी तो बार-बार। जब भी देखा हुजूम तेरे फरिस्तों का, याद कर तुझको सजदे किये हजार बार। औरों की महफिल में गिने गये रकीबों में, तेरी ही...

  • ये कैसी बारिश आई है

    ये कैसी बारिश आई है

    नभ के हर कोने पर,तेरी ही रानाई है, ये कैसी बारिश आई है। अधरों के तपते शोलों पर,शबनम की बूँद लुभाई है, सदियों से प्यासे तन-मन की, प्यास और भड़काई है। पर मैने मन की उत्कृन्ठा,मन...

  • उम्रभर

    उम्रभर

    उनकी सादगी की मशाल,जलती रहेगी उम्रभर, खुशी बस इतनी मुझे रोशन रखेगी उम्रभर। वो इतना निष्ठुर नहीं था,फिर क्या बात हुई, उनके इसी सोच की,सोच रहेगी उम्रभर। छोटी सी भूल की इतनी बड़ी सजा है क्या,...

  • बढ़ती धड़कनें

    बढ़ती धड़कनें

    बेटी के मेले जाने की जिद और बढ़ गयी बुधिया की धड़कनें जैसे स्वीकृति नहीं क्या माँग लिया हो कोई कीमती चीज या फिर इतने रुपये कि वो असमर्थ हो देने में। नहीं ऐसा कुछ भी...


  • नहीं बनूँगा

    नहीं बनूँगा

    मैं विद्रोही नहीं बनूँगा मै अवरोही नहीं बनूँगा। तुम उद्दंड भले हो जाओ, मैं निर्मोही नहीं बनूँगा। स्वप्न सदा देखा उन्नति का, सपनों को कभी नहीं मारा। पाव के छाले जख्म बन गये, फिर भी संकल्प...

  • उलाहना

    उलाहना

    वो थे तो क्या बदला था,ये हैं तो क्या बदला है, तब भी नारी शोषित थी, अब भी उनका दिल दहला है। लोकतंत्र की राजनीति पर, सबने सेकी रोटी है, वतन के हर गलियारों पर,बस गद्दारों...

  • भोजताल

    भोजताल

    पिछले कुछ वर्षों से अजनबी से लग रहे हो जबसे तुमने विकास का दामन थामा है। मेरे सारे यदगार पल तुममें ढूंढते है वो पहले से अपनापन वो चित्र जो तुमने अपने इन तटों की मोटी...

  • किसान

    किसान

    सत्ता से धरातल की दूरियाँ देख लें, चलो किसान की मजबूरियाँ देख लें। अतिवृष्टि,अनावृष्टि सी अनेक बाधाएँ हैं, गरीबी में सूखती मन की क्यारियाँ देख लें। दिल्ली की मदद देहरी तक आते-आते, कहाँ ठहर जाती है...

  • तेरे जाने से

    तेरे जाने से

    तेरे जाने से गमज़दा होगा, सारा आलम जु़दा-जु़दा होगा। मुद्दतो हुए कोई रहा ही नहीं , घर का धुँधला सा आइना होगा। एक ग़र हम न हुए तो सुनो, ये शहर फिर धुआँ-धुआँ होगा। वो जो...