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  • स्वर्ण सिक्के

    स्वर्ण सिक्के

    चंद स्वर्ण सिक्के  जो शायद धरोहर हो  हमारे पूर्वजों के  सोचता हूँ अगर ये  कभी संग्रहित करने के बदले  गरीब मजलूमों पर  व्यय कर दिए गए होते  भारत कभी सोने का चिड़ियाँ था  यह इतिहास नहीं...



  • भूख

    भूख

    अंतरियाँ बच्चों की जब  कुलबुला उठती है रात्रि पहर  माँ दौड़ती है  सहेज कर रखे खाली  ढक्कन टूटे डब्बे की तरफ  जबकि वो जानती है  कुछ भी शेष नहीं है उसमें  कुछ बचे रह जाने के...


  • नसीब

    नसीब

    नसीब भृकुटि के उपर ललाट पर खिंची अर्द्धवृत्ताकार रेखा नहीं है न ही हथेलियों पर जन्म के साथ अमानत में मिली आरी – तिरछी रेखाएँ है पता नहीं नसीब ईश्वर लिखता भी है या नहीं अगर...

  • न ना पिया

    न ना पिया

    न ना पिया आज मैं तुमको नहीं बाहों में भरने दूँगी नयनों में भरे लाज मेरे शर्म की घूंघट नहीं खोलूँगी न ना पिया आज मैं तुमको नहीं बाहों में भरने दूँगी मेरा तन है जैसे...

  • वादा

    वादा

    बहुत आसां है तोड़कर वादे को अपने आगे निकल जाना पर कभी फुर्सत में सोचना बैठकर इसकी एहमियत जब हम गर्भ में अंकुरित होते है तो माँ खुद से करती है वादा कि असहनीय पीड़ा के...

  • एक खत

    एक खत

    साजन भेज रहीं हूँ  तुम्हें  हौसले से लिखा एक खत यकीन मानों इसमें   शामिल नहीं हैं मेरा कोई दर्द और आंसूओं के एक एक कतरे से महफूज रखा है शब्दों को   ताकि तुम्हारी दृढ़ संकल्पित...

  • इतिहास

    इतिहास

    मंजिल तक तो बस वही पहुचेंगे जो सफर पर निकल पड़े रास्तों का हिसाब तो अपने ज़ज्बे कर ही लेंगे हम आखिर सपनों की मंजिल तलक बनी कोई सड़क भी तो नहीं होती इतिहास बनने से...