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  • आॅफिसर

    आॅफिसर

    विशाल समाहरणालय भवन की सीढियों पर एक किनारे पिछले कई घंटों से मैली-कुचैली अवस्था में राहुल के इन्तजार में बैठी बुढ़िया लगभग थक ही चुकी थी। प्रतीत होता था, मानो आधी नींद में ही वह अपनी...

  • तेजा

    तेजा

    साली खुद को समझती क्या है। भाव पर भाव दिये जा रही है। पैसे पर बिकने वालों की कमी है क्या, जिसे जब और जहाँ चाहूँगा बुला लूँगा। दारु के नशे में तेजा बकता जा रहा...

  • सरकार

    सरकार

    सरकार के हजार दिन पूरे होने की खुशी में राजधानी के एक बडे मैदान में सभा को संबोधित करते हुए राज्य के एक बड़े अपनी बाहवाही लूट रहे थे। उन्होंने कहा पिछले तीन वर्षों में लूट,...


  • आओ मिलकर पौध लगाएँ

    आओ मिलकर पौध लगाएँ

    आओ मिलकर पौध लगाएँ पौधों का लम्बा मेड़ बनाएँ मेड़ों के ठीक नीचे हों पौधे पौधो के बाजू पौध लगाएँ पानी को कुँओं से खींचे पौधों को पानी से सींचे पौधों को सीने से भीचें हँसते...